Monday, August 31, 2009

गणेशोत्‍सव 2009-दिवस 9 - नाटक ‘‘असे पाहुणे येती''

नाटक ‘‘असे पाहुणे येती''
कलाकारः- आनंद अभ्‍यंकर, आशा साठे, विघ्‍नेश जोशी
प्रस्‍तुतीः- वसंत वलय, मुंबई



समीक्षा श्री पद्‌माकर पागे की कलम से।
मेहमानों का आगमन खुशी और उल्‍लास भर देता है। अगर वह परिवार में आने वाला नया मेहमान हो तो फिर क्‍या बात है। एक तरफ इस मेहमान की बात वहीं दूसरी तरफ पहले से तय कार्यक्रम के बीच कोई अतिथि आ टपकता है तो मनःस्‍थिति बदल जाती है और फिर उसे टालने के जतन शुरू होते हैं। झूठ बोलन, बहाना बनाने का क्रम चालू हो जाता है। ऐसे में मेहमान अड ही जाये या कह दे ‘‘मैं भी आपके साथ हूँ'' तो फिर क्‍या? यह व्‍यथा गणेशोत्‍सव के तहत आयोजित कार्यक्रम वसंत वलय मुंबई व्‍दारा मंचित नाटक ‘‘असे पाहुणे येती'' में बताई गई।

इस आपाधापी से भरे जीवन में मनुष्‍य को अपने लिये ही समय निकालने में समस्‍या है वहाँ अगर मेहमान एक दो दिन के लिये आ कर टिक जाये तो फिर क्‍या। ऐसे कई मौके नाटक में आते हैं और फजिहत पैदा करते हैं परिवार में। हास्‍य व्‍यंग से भरे संवादों ने दर्शकों को खूब हंसाया। वहीं रियलिटी शो के माध्‍यम से आ रही अव्‍यवस्‍था पर करारा तमाचा भी जडा.। हमें क्‍या दिखाया जा रहा है और हम क्‍या देख रहे हैं यह भी एक विचारणीय है। तीन कलाकार आनंद अभ्‍यंकर , विघ्‍नेश जोशी, आशा साठे से सज्‍जित इस नाटक की विशेषता यह थी कि उन्‍होंने 15 अलग अलग चरित्रों को मंच पर साकार किया। लेखक दिग्‍दर्शक एम.एच.म्‍हसवेकर की यह कृति प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति से जुडी कहानी है। जिससे हम सब कमोबेश जुड़े हुए हैं। और लगता है यह जीवन एक रंगमंच है और हम सब अभिनेता।

झलकियाँ







Sunday, August 30, 2009

गणेशोत्‍सव 2009-दिवस 8 - 4 भंडारा

कार्यकर्ता महिला मंडळ
प्रसाद ग्रहण करताना

वदनि कवळ घेता नाम घ्‍या श्री हरी चे,
सहज हवन होते नाम घेता पुकाचे,
जीवन करी जिवीत्‍वा अन्‍न हे पूर्ण ब्रम्‍ह,
उदर भरण नोहे जाणिजे यज्ञ कर्म

जय जय रघुवीर समर्थ

गणेशोत्‍सव 2009-दिवस 8 - 3 सहस्‍त्रावर्तन

आज संध्‍याकाळी 4 च्‍या सुमारास समाज भवनात सहस्‍त्रावर्तनाचा कार्यक्रम झाला। आपल्‍या नावा प्रमाणे श्री गणपतिअथर्वशीर्षाचा सहस्‍त्र (हजार) वेळा आवर्तन वाचन झाले।
सहस्‍त्रावर्तन च्‍या काही आठवणी




गणेशोत्‍सव 2009-दिवस 8 - 2 चित्रकला प्रतियोगिता

आज दुपारी 12 ते 2 पर्यंत स्‍व. श्री प्रवीण नारळे स्‍मृति चित्रकला स्‍पर्धा झाली, रतलाम च्‍या सर्व शाळा आणि कालेजमधुन आलेल्‍या इच्‍छुक विद्यार्थिंनी ह्या प्रतियोगिता मधे भाग घेतला। त्‍याचा काही आठवणी।
निर्णायक श्रीमती सीमा बोथरा, कु.पूर्वा फडके, श्रीमती मनिषा पेंडसे।

प्रतिभागी

निर्णायक श्रीमति सीमा बोथरा का स्‍वागत करते हुए श्रीमती नीता पाध्‍ये


निर्णायक कु. पूर्वा फडके का स्‍वागत करते हुए श्रीमती

निर्णायक श्रीमती मनिषा पेंडसे का स्‍वागत करते हुए श्रीमती लोखंडे

श्रीमती सीमा बोथरा

कुमारी पूर्वा फडके


श्रीमती मनिषा पेंडसे


उपस्‍थित प्रतिभागी एवं पालक

निर्णायक श्रीमती सीमा बोथरा, कु.पूर्वा फडके, श्रीमती मनिषा पेंडसे।
विजेता
ग्रुप 1 कक्षा 1 से 5 तक
प्रथम पूजा शर्मा
व्‍दितिय पूर्वांश शर्मा

ग्रुप 2 कक्षा 6 से 10 तक
प्रथम अवनि शर्मा
व्‍दितिय मैत्री भारव्‍दाज

ग्रुप 3 ओपन ग्रुप प्रथम श्रीमति कीर्ति शर्मा





गणेशोत्‍सव 2009-दिवस 8 - 1 क्रीडा स्‍पर्धा

आज सकाळी 9:30 च्‍या सुमारास समाज भवनात छोट्‌या मुलांसाठी विभिन्‍न प्रकारच्‍या क्रीडा स्‍पर्धा आयोजित करण्‍यात आल्‍या त्‍याचा काही आठवणी।







Saturday, August 29, 2009

गणेशोत्‍सव 2009-दिवस 7 - स्‍थानीय बाल कलावंतांचा कार्यक्रम

आज रात्री 9 वाजता स्‍थानीय बाल कलावंतांचा कार्यक्रम झाला। सगळ्‌यांनी दाखविले
‘‘हम किसी से कम नहीं''
त्‍याचा काही आठवणी।